Uncategorized

कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में प्राकृतिक खेती एवं फसल विविधिकरण पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

सुंदरनगर, 28 फरवरी

कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में परियोजना निदेशक आत्मा, जिला कुल्लू के सौजन्य से प्राकृतिक खेती एवं फसल विविधिकरण विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिला कुल्लू के 35 किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान केंद्र की प्रधानाचार्य डॉ. प्राची ने प्राकृतिक खेती तथा फसल विविधिकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए रसायन मुक्त खेती अपनाने और आय बढ़ाने हेतु विविध फसल प्रणाली अपनाने के उपाय बताए।

पद्म श्री से सम्मानित कृषक नेक राम शर्मा ने मोटे अनाजों के महत्व, उपयुक्त जलवायु, बुआई विधि एवं क्षेत्रानुसार किस्मों की जानकारी देते हुए अपने अनुभव साझा किए।

प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती के सिद्धांत, नैतिक मूल्य, जैविक एवं पर्माकल्चर जैसी टिकाऊ कृषि प्रणालियों, पशुधन एकीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, कम्पोस्टिंग तथा मल्चिंग के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। किसानों को नर्सरी प्रबंधन, देशी-विदेशी सब्जियों के उत्पादन, फसल चक्र, मिश्रित खेती तथा उत्पादों के प्रमाणन, ब्रांडिंग एवं डिजिटल माध्यमों से विपणन संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। मोटे अनाजों से तैयार पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन भी किया गया।

प्रशिक्षण के अंतर्गत जिला बिलासपुर में पद्म श्री सम्मानित कृषक हरिमन शर्मा एवं अजय रतन के फार्म का भ्रमण करवाया गया, जहां किसानों ने प्राकृतिक घटकों से रोग एवं कीट प्रबंधन की तकनीकों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम में डॉ. देशराज, डॉ. मंदीप, डॉ. ओम प्रकाश बंसल, डॉ. विद्या सागर, लीना शर्मा, डॉ प्रजज्वल जम्वाल डॉ. मीना, निकिता चंदेल, डॉ. सुधीर, रुक्मिणी देवी सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!